6 दिसंबर 2013 - 20:30
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ सऊदी अरब की ख़तरनाक साज़िशें।

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ सऊदी अरब ख़तरनाक महत्वाकांक्षा रखता है। ज़ायोनी वेबसाइट दबका नें ख़बर दी है कि सऊदी अरब, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिये स्टाक्स नेट के मुक़ाबले में बहुत ही ख़तरनाक इंटरनेट वायरस तैयार करने के प्रोग्राम पर काम कर रहा है।

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ सऊदी अरब ख़तरनाक महत्वाकांक्षा रखता है। ज़ायोनी वेबसाइट दबका नें ख़बर दी है कि सऊदी अरब, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिये स्टाक्स नेट के मुक़ाबले में बहुत ही ख़तरनाक इंटरनेट वायरस तैयार करने के प्रोग्राम पर काम कर रहा है।अलआलम की रिपोर्ट के अनुसार इस ज़ायोनी वेबसाईट नें ज़ोर देकर कहा है कि सऊदी अरब की इंटेलीजेंस एजेंसी की प्रमुख बंदर बिन सुल्तान नें 24 नवम्बर को इस क्षेत्र में इस्राईल की जासूसी एजेंसी मूसाद के प्रमुख से मुलाक़ात भी की है और यह मुलाक़ात ईरान व ग्रुप 5+1 के बीच परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद हुई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मुलाक़ात में ज़ायोनी सरकार और सऊदी अरब के कम्प्यूटर इंजीनियर्स भी मौजूद थे और इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ख़राब करने के लिये एक ऐसे कम्प्यूटर वायरस को बनाने पर सहमति बनी कि जो स्टाक्स नेट से बहुत ज़्यादा ख़तरनाक प्रभाव रखता हो। इस रिपोर्ट के अनुसार रियाज़ नें इस षडयंत्रकारी प्रोग्राम के लिये एक अरब डॉलर की राशि आवंटित की है।